Edited By Sourabh Dubey, Updated: 11 Feb, 2026 06:50 PM

राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के ओडेला गांव स्थित खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के पांचवें दिन मंगलवार को रेस्क्यू टीम को आंशिक सफलता मिली। करीब 150 फीट गहरी पानी से भरी खाई में गिरी पोकलेन मशीन को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन मशीन...
अरवल | राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के ओडेला गांव स्थित खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के पांचवें दिन मंगलवार को रेस्क्यू टीम को आंशिक सफलता मिली। करीब 150 फीट गहरी पानी से भरी खाई में गिरी पोकलेन मशीन को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन मशीन चालक रामानंद तिवारी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा खनन कार्य के दौरान उस समय हुआ जब अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और पोकलेन मशीन चालक सहित गहरी खाई में समा गई। घटना के तुरंत बाद प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त कार्रवाई
रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम लगातार जुटी हुई है। भारी मशीनरी और विशेष उपकरणों की मदद से पांच दिन की कड़ी मशक्कत के बाद पोकलेन मशीन को बाहर निकाला गया।
हालांकि मशीन के केबिन और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच के बावजूद चालक का कोई पता नहीं चल सका है।
गोताखोर आशु मलिक की अहम भूमिका
रेस्क्यू अभियान में पंजाब से विशेष रूप से बुलाए गए अनुभवी गोताखोर आशु मलिक और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई। घंटों तक चले कठिन ऑपरेशन के दौरान मशीन निकालते समय आशु मलिक के पैर में गंभीर चोट लग गई।
उन्हें तुरंत रामगढ़ उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
अब आगे क्या?
प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम खाई के अन्य हिस्सों की भी गहन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि चालक खाई के किसी दूसरे हिस्से में फंसा हो सकता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है और प्रशासन का कहना है कि जब तक चालक का पता नहीं चल जाता, अभियान नहीं रोका जाएगा।