Edited By kahkasha, Updated: 25 Sep, 2025 12:44 PM

Kim Dom's peace journey concludes, All India Panchayat Parishad gives historic welcome
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मानवाधिकारों और समाज सेवा की लड़ाई में एक अहम पहचान बनाने वाले डॉ नेम सिंह प्रेमी की टीम इन दिनों काफी चर्चे में है l विश्व शांति दिवस के अवसर पर इनके टीम की वियतनाम प्रमुख हो किम डोम ने 21 सितंबर को विश्व शांति दिवस के मौके पर भारत शांति और न्याय यात्रा का समापन किया l आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिका में मानवाधिकार नायक "द रॉयल महारलिका" पुरस्कार विजेता ...डॉ. नेम सिंह प्रेमी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (IHRO) के अध्यक्ष हैं. यह एक स्वायत्त- शासी स्वैच्छिक, गैर-लाभकारी और गैर-पक्षपातपूर्ण संगठन है जो सभी के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करता है और जागरूकता फैलाता है. IHRO का मुख्यालय नई दिल्ली में है l यह संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध संस्था है. डॉ. प्रेमी ने 2009 में इस संगठन की स्थापना की थी और उन्हें शारजाह में 17 भारतीयों को फांसी से बचाने और लीबिया में भारतीयों के पासपोर्ट वापस दिलाने में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है l
अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की न्याय और शांति यात्रा के लिए भारत भ्रमण पूरा होने पर IHRO की संपूर्ण टीम का अखिल भारतीय पंचायत परिषद की टीम ने कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ अशोक चौहान के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया l
इस मौके पर IHRO के प्रमुख नेम सिंह प्रेमी ने कहा कि सरकारें ढेर सारी संस्थाओं के माध्यम से जन आकांक्षाओं की पूर्ति करती हैं l लेकिन सामाजिक कार्यों को पूर्ण करने के लिए समाज के जागरूक लोगों को आगे आकर कार्य करने की जरूरत होती है l हमारा संगठन विगत 16 सालों से इसी दिशा में कार्य कर रहा है आगे उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं बरन पूरे विश्व में जहां भी मानवता के कल्याण की बात आएगी हमारा संगठन तन, मन धन से कार्य करता है और आगे भी करता रहेगा l
इस मौके पर IHRO के शांति सेना की अध्यक्ष वियतनाम निवासी हो किम डॉन ने कहा कि भारत में इस शांति यात्रा का समापन हुआ है लेकिन दुनिया के अन्य देशों में अब इसकी शुरुआत होगी और शांति की स्थापना के लिए हर देशों में हमारे प्रतिनिधि जाकर शांति का संदेश देंगे l जाति, धर्म, भाषा और वास स्थान के आधार पर हो रहे संघर्षों को रोकने के लिए लोगों के बीच मध्यस्थता की जरूरत है हमारा संगठन यह कार्य सदैव करेगा l
अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मीडिया सलाहकार बद्री नाथ ने कहा कि भारत वर्ष की सक्रिय पंचायतें हर समस्या का समाधान देती थीं इसमें समाज के गणमान्य लोगों की टीम दो पक्षों को बिठाकर न्याय करती थी आज लोगों को कोर्ट कचहरी में भटकना पड़ता है l शांति की स्थापना के लिए पंचायत व्यवस्था के पंच मॉडल को लागू करने की जरूरत है l अदालतों के आदेश से ज्यादा महत्वपूर्ण पंचायतों की मध्यस्थता प्रभावी समाधान दे सकती हैं l
इस मौके पर अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ अशोक चौहान, मीडिया सलाहकार बद्री नाथ, बड़े बाबू रमाकांत शुक्ला, अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जी.के महासचिव वंशल, रविकांत सैनी , समेत ढेर सारे गणमान्य और मानवाधिकार कार्यकर्ता व पंचायतों के नेता शामिल हुए l